अगर चेतेश्वर पुजारा को निकालना था, तो उन्हें बेहतर तरीके से बाहर निकाला जा सकता था: WV रमन का चयनकर्ताओं पर फूटा गुस्सा

सुनील गावस्कर ने हाल ही में चयनकर्ताओं पे पुजारा को टीम से बाहर करने के लिए उनपर सवाल उठाया है, गावस्कर का कहना है की पुजारा को किस क्राइटेरिया के तहत बाहर किया गया, जबकि जो दूसरे असफल खिलाडी जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, उन्हें टीम में रखा गया है। वेस्टइंडीज सीरीज दौरे के लिए चेतेश्वर पुजारा को भारतीय टेस्ट टीम से बाहर करने पर भारतीय महिला टीम के पूर्व कोच और पूर्व भारतीय क्रिकेटर WV रमन ने काफी नाराजगी जताई है।

अब इसमें विवाद इस बात पे है कि चयनकर्ताओं ने चार बल्लेबाजों को चुना है, लेकिन उन्होंने पुजारा को इसमें शामिल नहीं किया है, जो एक सबसे बड़ा मुद्दा है। आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर उन्होंने कहा, पुजारा ने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया है और उन्होंने कई मौकों पर देश और विदेश में भारत की जीत में अहम भूमिका भी निभाई है।

“मुझे लगता है कि यह एक ऐसा निर्णय है जो कई लोगों को पसंद नहीं आया है और व्यक्तिगत तौर पर भी मैं इसके पक्ष में नहीं हूं। लेकिन अगर चयनकर्ताओं को लगता है कि यह पुजारा का अंत है, तो उन्हें बेहतर तरीके से बाहर निकलने का मौका दिया जा सकता था।”

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यहां तक ​​कि सुनील गावस्कर ने हाल ही में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC Final) में टीम की सामूहिक विफलता के लिए पुजारा को ‘फॉल मैन’ बनाने के लिए चयनकर्ताओं की आलोचना की थी। उसे क्यों हटा गया है? हमारी बल्लेबाजी में कमी होने कारण हम WTC हारे लेकिन पुजारा को बलि का बकरा क्यों बनाया गया है? क्योंकि मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके लाखों फॉलोअर्स नहीं हैं, जो उनके हटाए जाने पर शोर मचा सकें, इसलिए आप उन्हें हटा दें। यह तो समझ से परे की बात है।”

हालांकि 35 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा ने 103 टेस्ट मैच, 5 ODI मैच, 30 IPL मैच खेले हैं। चेतेश्वर पुजारा ने कभी कहा था कि “जब आप अपने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल रहे होते हैं, तो आप अपना नेचुरल गेम नहीं खेल सकते। आपको परिस्थितियों के हिसाब से खेलना होता है।”

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